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Thursday, January 4, 2018

जानिए कब और कहा होगा आईपीएल टीमों में खिलाड़ियों का रिटेंशन कार्यक्रम | IPL Player Retaintion 2018

क्रिकेट जगत के इतिहास में कई तरह की प्रतियोगिता खेली गयी, उन प्रतियोगिता को काफी लोकप्रियता भी मिली ।पर जितनी लोकप्रियता इंडियन प्रीमियम लीग यानी आईपीएल को मिली उतनी किसी भी क्रिकेट प्रतियोगिता को नहीं मिली। आईपीएल प्रतियोगिता 2008 साल से शुरू हुई थी। इस साल आईपीएल का ग्यारहवां साल हैं। इस साल खिलाड़ियों की नीलामी 27 और 28 जनवरी को मुंबई में होने वाली हैं। इस साल फिर से सब खिलाड़ियों की नीलामी होगी, लेकिन टीमें अपने टीम में 5 खिलाड़ि रिटेन कर सकते हैं। आज 4 जनवरी खिलाड़ि रिटेन करने का आखरी दिन हैं।आज शाम 6:50 बजे से खिलाड़ी रिटेन करने का लाइव प्रक्षेपण होगा। 


आईपीएल 2018 खिलाड़ी रिटेंशन कार्यक्रम
इस साल खिलाड़ी रिटेन का लाइव प्रक्षेपण किया जायेगा। आईपीएल खिलाड़ी रिटेन का कार्यक्रम 4 जनवरी को शाम 6:50 बजे शुरू होगा। इसका आयोजन मुंबई के ताज लैंड एन्ड होटल में होनेवाला हैं। इस कार्यक्रम का लाइव प्रक्षेपण स्टार स्पोर्ट्स 2 और स्टार स्पोर्ट्स हिंदी चैनल पर होगा । मोबाइल पर हॉटस्टार पर भी लाइव आईपीएल खिलाड़ि रेटेंशन कार्यक्रम देख सकते हैं।


आईपीएल 2018 खिलाड़ी रिटेंशन के नियम
सभी फ्रैंचाइजी के पास तीन खिलाड़ियों को रिटेन करने का मौका होगा। नीलामी के दिन राइट टू मैच कार्ड के माध्यम से उनके पास दो और खिलाड़ियों को बनाए रखने का भी विकल्प है। हालांकि, यदि कोई टीम किसी भी खिलाड़ी को नहीं रिटेन करती है तो वे आगे बढ़ सकते हैं और राइट टू मैच कार्ड के उपयोग से तीन खिलाड़ियों को हासिल कर सकती हैं। 
आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने घोषणा की कि प्रत्येक आईपीएल फ्रेंचाइज अपने संबंधित मौजूदा दस्तों से अधिकतम पांच खिलाड़ियों को बनाए रख सकते हैं। पांच खिलाड़ियों में से, फ्रेंचाइज़ी नीलामी के लिए नेतृत्व में अधिकतम तीन खिलाड़ियों को बनाए रखने में रख सकती है, और नीलामी के दौरान सही-से-मैच कार्ड के माध्यम से अधिकतम तीन खिलाड़ियों को मिल सकता है। खिलाड़ी के प्रतिधारण पर अन्य प्रतिबंध हैं: तीन से अधिक भारतीय खिलाड़ियों को रखा जा सकता है, और केवल दो विदेशी खिलाड़ी और दो जो भारतीय क्रिकेट टीम में अब तक नहीं खेल पाए उन दो खिलाड़ियों को  बनाए रखा जा सकता है 2018 सीजन के लिए प्रत्येक टीम की वेतन सीमा 66 करोड़ रुपये से बढ़कर 80 करोड़ रुपये (लगभग 12.4 करोड़ डॉलर) हो गई है। एक फ्रेंचाइजी को 2018 आईपीएल नीलामी से पहले केवल 33 करोड़ रुपये खर्च करने की इजाजत दी जाएगी, जिससे नीलामी में खर्च करने के लिए कम से कम 47 करोड़ रुपये खर्च होंगे।


आईपीएल का प्रसारण
स्टार इंडिया ने आईपीएल के अगले पांच संस्करण 2018-22 के लिए विश्वव्यापी प्रसारण और डिजिटल अधिकार 16347 करोड़ की बोली लगाकर अपने नाम कर ली। इस साल चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स की टीमों ने आईपीएल में वापसी कर ली हैं।


Saturday, December 30, 2017

जानिए अब तक कितने भारतीय फलंदाजो ने टी-ट्वेंटी मे शतक बनाया हैं। Indian batsmen have made a century in T-Twenty International

भारत मे सबसे ज्यादा लोकप्रिय खेल क्रिकेट हैं। भारत के दस मेसे सात लोग क्रिकेट देखना पसंत करते हैं। जब भारत ने 1983 मे वर्ल्ड कप जीता था। तब से भारत मे क्रिकेट की लोकप्रियता बहुत ही बढ़ चुकी हैं। 2000 मे जब भारत ने टी ट्वेंटी का वर्ल्ड कप जीता था। तब से एकदिवसीय मैचो से ज्यादा टी ट्वेंटी मैचो के लिए लोकप्रियता बढ़ने लगी। शुरू शुरू मे टी ट्वेंटी मैचो मे शतक बनाना आसान काम नहीं था। पर बाद मे खिलाड़ियोंके लिए लिए शतक बनाना आसान काम हो गया। पहला शतक 2007 के टी ट्वेंटी वर्ल्ड कप मे वेस्ट इंडीज खिलाड़ि ख्रिस गेल ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बनाया। उस मैच मे ख्रिस गेल ने 57 गेंदों मे 117 रन बनाये थे।

1) सुरेश रैना 
अब तक भारत के सिर्फ तीन खिलाडियोने टी ट्वेंटी के इतिहास मे शतक बनाया हैं। टी ट्वेंटी के इतिहास मे तिसरा और पहले भारतीय बल्लेबाज के तौर पर सुरेश रैना ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2 मई 2010 को बनाया। इस मॅच मे सुरेश रैना ने 60 गेंदों पर 101 रनों की पारी खेली थीं। इस पारी मे 9 चौके और 5 छक्के शामिल थे। 


2) रोहित शर्मा 
भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा ने यह कारनामा दो बार कर के दिखाया हैं। 2 अक्टूबर 2015 को अपना पहला और टी ट्वेंटी के इतिहास मे 15 वा शतक बनाया और यैसा करने वाले दुसरे भारतीय बल्लेबाज बने। इस मैच मे रोहित शर्मा ने 66 गेंदों पर 106 रनों की पारी खेली। इस पारी मे 12 चौके और 5 छक्के लगाए। 22 दिसंबर 2017 को रोहित शर्मा ने अपने करियर का दुसरा टी ट्वेंटी शतक बनाया और टी ट्वेंटी के इतिहास मे 29 वा शतक बनाया। इस पारी मे 43 गेंदों पर 118 रन बनाये। उसमे 12 चौके और 10 छक्के शामिल हैं। यह शतक सबसे तेज शतक है। यह शतक सिर्फ 35 गेंदों पर पूरा किया और डेविड मिलर के साथ सबसे तेज शतक बनाने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। 


3) के.एल.राहुल 
भारत के के.एल.राहुल ने 27 अगस्त 2016 को वेस्ट इंडीज के खिलाफ शतक बनानेवाले तिसरे भारतीय और टी ट्वेंटी के इतिहास मे 22 वे फलंदाज बने। के.एल.राहुल ने 51 गेंदों पर 110 रनों की पारी खेली। इसमें 12 चौके और 5 छक्के शामिल है।

जानिए टी20 इंटरनेशनल मैच में सबसे तेज शतक कितने गेंदों पर बनाया हैं इन दो बल्लेबाजोने ।Fastest Hundred In World T20 International

एकदिवसीय क्रिकेट से ज्यादा टी20 बहुत लोकप्रिय हो चुका हैं। इसकी वजह हैं, टी20 मैचों मे होनेवाली लाजबाब बल्लेबाजी। पहले 50 ओवर के मैच शतक बनाना बहुत ही मुश्किल था। पर अब 20 ओवर के मैच मे यानि टी20 मैच मे 24 दिसंबर 2017  तक 29 शतक बन चुके थे। टी20 मैचों मे सबसे तेज शतक बन जाते है।


भारत के अब तीन बल्लेबाज अपना शतक पूरा कर चुके हैं। रोहित शर्मा ने तो टी20 मे दो शतक बनाये हुए हैं। रोहित शर्मा दुसरा शतक टी20 सबसे तेज शतक हैं। यह शतक 35 गेंदों पर बनाया और डेविड मिलर के 35 गेंदों पर शतक बनाने की पारी की बराबरी कर ली। 
भारत और श्रीलंका के ख़िलाफ़ 22 दिसंबर 2017 को इंदौर मे खेले गए दुसरे टी20 मैच मे 35 गेंदों पर अपना शतक पुरा किया और 43 गेंदों पर 118 रन बनाकर आउट हो गए। इस पारी मे रोहित शर्मा ने 12 चौके और 10 छक्के मारे थे।


दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के खिलाफ 29 अक्टूबर 2017 खेले गए मैच मे डेविड मिलर ने 35 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया। इस पारी मे 36 गेंदों पर 101 रन बनाकर डेविड मिलर नाबाद रहे। इस पारी मे डेविड मिलर ने 7 चौके और 9 छक्के मारे थे।



जानिए तीन टेस्ट मैच के लिए दक्षिण अफ्रीका की टीम में कौन कौन से खिलाड़ी शामिल हैं । South Africa Test Team for three Test matches.

5 जनवरी से होने वाले टेस्ट मैच के लिए दक्षिण अफ्रीका ने अपनी टीम का ऐलान किया हैं। पहला टेस्ट मैच केप टाऊन के मैदान पर खेला जानेवाला हैं। भारत और दक्षिण अफ्रीका के सीरीज के लिए दक्षिण अफ्रीका टीम फाफ डुप्लेसिस के कप्तानी में खेलेगी। जिम्बाब्वे  खिलाफ ऐतिहासिक मैच के दौरान चौटिल होने कारण फाफ डु प्लेसिस खेल नहीं पाए उनकी जगह पर एबी डी विलियर्स ने टीम की कप्तानी की थी। अब फाफ डु प्लेसिस पूरी तरह से तंदुरस्त होने के कारण भारत के खिलाफ वही टीम की कप्तानी करेंगे। दक्षिण अफ्रीका के टीम में डेल स्टेन ने वापसी की हैं, क्वींटन दी कॉक को भी टीम में जगह मिली हैं। 


दक्षिण अफ्रीका टेस्ट टीम के खिलाड़ी -
फाफ डु प्लेसिस ( कप्तान ), हाशिम अमला, टेम्बा वेव, थ्यूनिस डी ब्रुइन, क्वींटन दी कॉक ( Wk ), एबी डी विलियर्स, डीन एल्गर, केशव महाजन, एडिन मार्क्रम,मोर्ने मोर्केल, ख्रिस मॉरिस, एंडील फेलिकेनो, वर्नान फिलैंडर, कगिसो रबाडा, डेल स्टेन। 

टेस्ट मैच  
पहला टेस्ट मैच- 5 से 9 जनवरी, केप टाउन 
दूसरा टेस्ट मैच - 13 से 17 जनवरी, सेंच्युरीअरन 
तीसरा टेस्ट मैच - 24 से 28 जनवरी, जोहान्सबर्ग  

Tuesday, December 26, 2017

जानिए दक्षिण अफ्रीका दौरे के एकदिवसीय सीरीज 2018 के लिए भारतीय टिम के खिलाड़ी। India ODI squad for South Africa series 2018

भारत नए साल के शुरुवात मे दक्षिण अफ्रीका दौरे पर जानेवाला हैं। इस दक्षिण अफ्रीका के दौरे मे भारत 3 टेस्ट मैच, 6 एकदिवसीय मैच, और 3 टी-20 मैच खेले जायेंगे। इस दक्षिण अफ्रीका का के दौरे के लिए बीसीसीआई ने अपनी एकदिवसीय 17 खिलाड़ियों की टीम चुनी हैं। इस भारतीय टीम के 17 खिलाड़ियोमे रविंद्रचन्द्र अश्विन और रविंद्र जडेजा को टीम मे जगह नहीं मिली।उनकी जगह पर फिर से युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव को जगह मिली। युवराज सिंह, और सुरेश रैना को भी जगह नहीं मिल पायी। सुरेश रैना और युवराज सिंह अपनी यो-यो टेस्ट पास की थी। फिर भी टीम इंडिया मे वापसी नहीं कर पाए।


विराट कोहली, केदार जाधव, मोहम्मद शमी, शार्दुल ठाकुर ने भारतीय टीम मे वापसी कर ली। 1 फरवरी 2018 से 16 फरवरी 2018 के बीच मे एकदिवसीय सीरीज खेली जाएगी।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय टीम :- विराट कोहली ( C ), रोहित शर्मा ( VC ), शिखर धवन, अजिंक्य रहाणे, श्रेयस अय्यर, केदार जाधव, मनिष पांडे, महेंद्र सिंग धोनी ( WK ), दिनेश कार्तिक, अक्षर पटेल, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार, शार्दुल ठाकुर, हार्दिक पांड्या। 
 इन खिलाड़ियोंको टीम मे जगह मिली :- विराट कोहली, केदार जाधव, शार्दुल ठाकुर, मोहम्मद शमी। 
यह खिलाडी टीम से बाहर हुए :- वॉशिंग्टन सुंदर, सिद्धार्थ कौल। 

Monday, December 4, 2017

जानिए क्रिकेट खेल मे इस्तमाल होनेवाले बॉल के बारे जानकारी ,बॉल के बारे मे ICC ने क्या नियम बनाये हैं। Cricket Ball Information In Hindi.।

क्रिकेट खेल दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेलो मैसे एक खेल माना जाता हैं। भारत मे क्रिकेट खेल के बहुत सारे दिवाने हैं। क्रिकेट को फॉलो करने वाले लोग हरपल क्रिकेट के गतिविधियोंके बारे मे जानकारी लेने के लिए तैयार रहते हैं। आज हम क्रिकेट खेल मे इस्तमाल होने वाले बॉल के बारे मे जानकारी लेंगे। क्रिकेट खेल के लिए ICC ने कुछ नियम बनाये हुए हैं। उन नियमों का पालन होना बहुत जरुरी होता हैं। ICC ने क्रिकेट बॉल के लिए भी कुछ नियम बनाये हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मे  तीन प्रकार के गेंदे ( बॉल ) का इस्तमाल किया जाता हैं।


क्रिकेट बॉल के बारे मे जानकारी। 
क्रिकेट खेलने के लिए बॉल ( गेंद ) का इस्तमाल किया जाता हैं। क्रिकेट की गेंद एक सख्त, ठोस गेंद होती है जिसका इस्तेमाल क्रिकेट खेलने में किया जाता है। चमड़े और काग (कॉर्क) से तैयार क्रिकेट की गेंद, प्रथम श्रेणी स्तर पर पूर्णतया क्रिकेट के नियमों के अधीन होती है। कई दिनों तक चलने वाले टेस्ट क्रिकेट और ज्यादातर घरेलू मैचों में पारंपरिक लाल रंग की गेंद का इस्तेमाल किया जाता है। कई एकदिवसीय क्रिकेट मैचों में सफेद रंग की गेंद का इस्तेमाल किया जाता है।2010 से, खिलाड़ियों के सफेद कपड़ों के साथ और दिन / रात टेस्ट मैचों के दौरान बेहतर रात की दृश्यता के साथ गुलाबी रंग की शुरुआत की गई है। ट्रेनिंग के लिए सफेद, लाल और गुलाबी गेंद भी आम हैं, इसके अलावा ट्रेनिंग या आधिकरिक मैचों के लिए विंड गेंदों और टेनिस गेंदों का भी इस्तेमाल किया जाता है। क्रिकेट मैच के दौरान गेंद ऐसी स्थिति में पहुंच जाती है जहां वो इस्तेमाल के लायक नहीं रहती है, इस दौरान गेंद की विशेषताएं बदल जाती हैं और ये मैच को प्रभावित करती हैं। मैच के दौरान क्रिकेट के नियमों के मुताबिक एक हद के बाहर गेंद से छेड़छाड़ करने की मनाही होती है और गेंद के साथ छेड़छाड़ करने की घटनाओं से कई विवाद खड़े हो चुके हैं।


क्रिकेट गेंद की विषेशताए।   
                                                            वजन                                                आकार 
13 के कम साल के बच्चे              (133 से 143 ग्राम)                   8.06 से 8.69 इंच (205 से 221मिमी)
युवा बच्चे                       प्लास्टिक की गेंद जैसे "क्वाइक क्रिकेट बॉल" अक्सर इस्तेमाल किया जाता है 
पुरुष, और लड़कों 13 साल  से उपर       (156 से 163 ग्राम)             8.81 से 9 इंच (224 से 22 9 मिमी)
महिलाएं,और लड़कियों13 साल के उपर  (140 से 151 ग्राम)           8.25 से 8.88 इंच (210 से 226 मिमी)


क्रिकेट की गेंदों का वजन 155.9 ग्राम और 163 ग्राम के बीच होता है और इन्हें अपनी कठोरता तथा इस्तेमाल से जख्मी होने के खतरे के लिए जाना जाता है। क्रिकेट की गेंद से होने वाले खतरे की वजह से ही सुरक्षात्मक उपकरणों को क्रिकेट के खेल में शामिल किया गया था। क्रिकेट मैच के दौरान अक्सर खिलाड़ियों के जख्मी होने के मामले सामने आते रहते हैं, इनमें से कुछ मामले क्रिकेट गेंद की वजह से होते हैं।क्रिकेट गेंद की प्रकृति उसके निर्माता के साथ थोड़ा भिन्न होती है। 

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मे बॉल का इस्तमाल। 
व्हाइट कौकाबुरा गेंदों का एक दिवसीय और ट्वेंटी -20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उपयोग किया जाता है, जबकि टेस्ट मैचों के लिए टेस्ट मैचों में खेला जाने वाले टेस्ट मैचों में लाल कुकाबुरस का उपयोग किया जाता है, वेस्टइंडीज और इंग्लैंड को छोड़कर, जो ड्यूक्स और भारत का इस्तेमाल करते हैं , जो एसजी गेंदों का इस्तेमाल करते हैं। सभी एक-दिवसीय मैच कूकाबुरा गेंदों से खेले जाते हैं लेकिन भारत में टेस्ट मैच एसजी क्रिकेट गेंदों से खेले जाते हैं। और जब इंग्लैंड किसी अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट मैच की मेजबानी करता है तो वे "ड्यूक क्रिकेट गेंद" का इस्तेमाल करते हैं, जबकि बाकी सभी टेस्ट मैचों के लिए कूकाबुरा गेंदों का ही इस्तेमाल किया जाता है।


1996 विश्व कप के दौरान जब एक-दिवसीय मैच खेला गया तो दोनों ही अंपायरों के पास एक-एक गेंद रहती थी। प्रत्येक ओवर के बाद मुख्य अंपायर लेग अंपायर की भूमिका में आ जाते हैं और लेग अंपायर मुख्य अंपायर की भूमिका, वे क्षेत्ररक्षण करने वाली टीम को नियम मुताबिक छह सही गेंदें फेंकने के लिए अपने पास रखी गेंद देते हैं और फिर ओवर खत्म होने के बाद उस गेंद को वापस ले लेते हैं। यही काम दूसरा अंपायर भी करता है।.. और उस समय इसी तरह से एक-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेला जाता था, ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि सफेद गेंदें जल्दी गन्दी हो जाती हैं।
टी ट्वेंटी क्रिकेट मे सफ़ेद रंग के गेंद का इस्तमाल किया जाता हैं। 
एकदिवसीय क्रिकेट मे सफ़ेद रंग के गेंद का इस्तमाल किया जाता हैं। 
कसोटी ( टेस्ट ) क्रिकेट मे लाल रंग के गेंद का इस्तमाल किया जाता हैं। 
दिवस-रात्र कसोटी ( टेस्ट ) क्रिकेट मे गुलाबी रंग के गेंद का इस्तमाल किया जाता हैं।

Sunday, December 3, 2017

जानिए क्रिकेट खेल मे इस्तमाल होने वाले बॅट के बारे मे जानकारी, बॅट की लंबाई , चौड़ाई , कितनी होती हैं। Cricket bat information in hindi .

क्रिकेट दुनिया के लोकप्रिय खेलो मेसे एक खेल हैं। दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल फुटबॉल हैं, और दूसरे नंबर पर क्रिकेट आता हैं। भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी हैं। पर भारत मे क्रिकेट के बहुत फैन हैं। क्रिकेट खेलने के कुछ चीजों की आवश्यकता होती हैं। उसमे क्रिकेट खेलने के लिए मैदान, स्टंप, बॅट, बॉल और खिलाड़ियों की आवश्यकता होती है। क्रिकेट मे बॅट का उपयोग बॉल मारने के लिए किया जाता हैं। खास तौर पर बॅट लकड़ी से बना हुआ होता हैं।  बल्ले की लंबाई 38 इंच (9 65 मिमी) से अधिक नहीं हो सकती और चौड़ाई 4.25 इंच (108 मिमी) से अधिक नहीं हो सकती। इसका उपयोग पहली बार 1624 में किया गया है। 1979 से, नियम परिवर्तन में यह निर्धारित किया गया था कि बॅट केवल लकड़ी से ही बना सकते हैं।


क्रिकेट के बल्ले का विकास
आमतौर पर सबसे पुराना बल्ला के रूप में मान्यता प्राप्त बल्लेबाज़ी 1729 है और लंदन में ओवल में सैंडहैम कक्ष में प्रदर्शित होती है।


बॅट की जानकारी 
क्रिकेट के नियमों के कानून जैसा कि खेल के नियमों के अनुसार जाना जाता है, बताते हैं कि बल्ले की लंबाई 38 डिग्री (9 65 मिमी) से अधिक नहीं हो सकती, चौड़ाई 4.25 से (108 मिमी) , कुल गहराई में 2.64 से अधिक (67 मिमी) और 1.56 इंच (40 मिमी) से अधिक बढ़त नहीं है। बैट आमतौर पर 2 एलबी 7 ऑउंस से 3 एलबी (1.2 से 1.4 किग्रा) तक तौलना करते हैं, हालांकि कोई मानक नहीं है। क्रिकेट के कानून के परिशिष्ट बी ने अधिक सटीक विशिष्टताओं को निर्धारित किया। यह नियम 1771 के राक्षस बॅट घटना के बाद शुरू किया गया था।


बॅट की देखभाल 
जब बल्ले को पहली बार ख़रीदा जाता है, वह उसी समय खेलने के लिए तैयार नहीं होता। बल्ले को खरीदने के बाद इसके जीवन काल को अधिकतम बनाने के लिए इस पर तेल लगाने और नॉक-इन करने की आवश्यकता होती है। इसके लिए इस पर कच्चे अलसी के तेल की एक परत चढ़ाई जाती है, इसके बाद बल्ले की सतह को क्रिकेट की एक पुरानी गेंद से स्ट्राइक किया जाता है, गेंद के स्थान पर विशेष प्रकार के लकड़ी के हथौड़े का उपयोग भी किया जा सकता है। इससे बल्ले के अन्दर के मुलायम तन्तु (फाइबर) ठोस हो जाते हैं और बल्ले के तड़कने की संभावना कम हो जाती है।



भारत का क्रिकेट बॅट उद्योग 
पारंपरिक भारतीय क्रिकेट बॅट जम्मू और कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के क्षेत्रों में भारत में बने हैं। कश्मीर में यह उत्तरी भारत में पाए जाने वाले विलो से बना है, जबकि टीक और पेड़ों जैसे पेड़ देश के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में इन चमड़े को बनाने में साल की लकड़ी का उपयोग किया जाता है। कश्मीर में किए गए कुछ बल्ले अंतरराष्ट्रीय मानकों के होते हैं और भारत में कई राष्ट्रीय खिलाड़ियों जैसे सुनील गावस्कर, वीरेंद्र सहवाग और युवराज सिंह द्वारा उपयोग किया जाता था। अन्य क्षेत्रों में किए गए बल्ले आम तौर पर कम गुणवत्ता वाले होते हैं, और मुख्य रूप से गैर-पेशेवर क्रिकेट खेलों में उपयोग होते हैं, जैसे कि टेनिस बॉल क्रिकेट, जो पूरे देश में सड़कों और पड़ोस में खेले जाते हैं।


एक अनोखा बॅट मोंगूस बॅट 
2010 के आईपीएल में बल्ला बनाने वाली एक नयी कम्पनी मोंगूस ने क्रिकेट के बल्ले के एक नए डिजाइन की घोषणा की जिसे मिनी मोंगूस कहा गया। इस बल्ले का ब्लेड छोटा और मोटा था और हैंडल लंबा था, ताकि यह बल्ले में गेंद को हिट करने के लिए अधिक क्षेत्र उपलब्ध करा सके और बड़े शॉट खेले जा सकें. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि एक अद्वितीय अल्प गुरुत्व केन्द्र बल्ले को अधिक तेज गति देता है और क्योंकि इसका ब्लेड छोटा होता है, इसलिए ब्लेड को समान वज़न के लिए मोटा बनाया जा सकता है। अर्थात बल्ले का अधिक हिस्सा गेंद को हिट करने के लिए उपलब्ध है,एंड्रयू साइमंड्स, मैथ्यू हेडन  स्टुअर्ट लॉ, प्रणीत सिंह और ड्वेन स्मिथ के द्वारा किया जाता था।

Saturday, December 2, 2017

जानिए क्रिकेट खेल मे इस्तमाल होनेवाले स्टंप के बारे मे जानकारी। Cricket stump information in Hindi

भारत मे क्रिकेट खेल सबसे लोकप्रिय खेलो मैसे एक खेल हैं। भारत मे ज्यादा तर लोग क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं। क्रिकेट खेलने के लिए कुछ चीजे जरुरी होती हैं। क्रिकेट खेलने के लिए मुख्य तौर पर बैट और बॉल जरुरी होता हैं। पर बैट और बॉल के साथ साथ क्रिकेट खेलने के लिए मैदान होना चाहिए। और सबसे जरुरी मैदान पर जिस पिच पर बल्लेबाजी करनी हैं, उस पिच पर स्टंप बहुत आवश्यक हैं। अगर स्टंप नहीं होंगे तो हम क्रिकेट नहीं खेल सकते। इस लिए क्रिकेट मे स्टंप बहुत जरुरी होते हैं। 
 

स्टंप के बारे मे जानकारी 
क्रिकेट खेल मे क्रिकेट स्पिच पर तीन स्टंप होते हैं। इन स्टम्पों पर बेल्स होते हैं। तीन स्टंप क्रिकेट स्पिच के दोनों बाजु पर होते हैं। अगर गेंदबाज बल्लेबाज को बॉलिंग पर स्टंप कर दे तो बल्लेबाज को आउट घोषित किया जाता हैं। विकेट कीपर भी स्टंपिंग कर बल्लेबाज को आउट कर सकता हैं। जब अंपायर स्टंप के ऊपर से बैल्स को हटा देते है तो उसका मतलब उस दिन के लिए खेल ख़त्म माना जाता हैं। 
स्पिच के दोनों और तीन स्टंप होते हैं। तीन स्टंप दो बेल्स को सहारा देते हैं। स्टंप आम तौर पर लकड़ी के बने होते हैं। प्रत्येक विकेट की कुल चौड़ाई 9 इंच (22.9 सेंटीमीटर) है। प्रत्येक स्टंप 28 इंच (71.1 सेंटीमीटर) लंबा और 1 1/2 इंच (3.81 सेमी) और 1 3/8 इंच (3.4 9 सेंटीमीटर) के अधिकतम और न्यूनतम व्यास के साथ है। जमीन में डालने के लिए उनके पास एक छोर पर एक कील होती है, और दूसरे छोर पर यू-आकार का 'नाली के माध्यम से' होता है ताकि बेल्स के लिए एक आराम स्थान उपलब्ध हो सके।



जुनिअर क्रिकेट मे स्टम्पों लंबाई और चौड़ाई के मामले मे छोटे होते हैं।
 प्रत्येक स्टंप को किसी विशिष्ट नाम से संदर्भित किया जाता है:
ऑफ स्टंप (Off stump) विकेट की तरफ से स्टंप है। 
मध्य स्टंप (Middle stump)केंद्र के स्टंप पर है, तीन स्टंप के बीच।
लेग स्टंप (Leg stump) विकेट के किनारे पर स्टंप है। 


आधुनिक क्रिकेट मैचों मे स्टंप पर आयोजकों के स्पोंसर का लोगो छपा हुआ होता हैं। रन आउट और विकेट कीपिंग के सही निर्णय लिए जाए इसलिए स्टंप के बिच मे कैमरा लगा हुआ होता हैं। इसका फायदा अंपायर को अपने निर्णय लेने मे होता हैं। 


एक नया नवाचार स्टंप और बेल्स लाल एल ई डी के साथ एम्बेडेड होता है, जो पूरी तरह से उखाड़ फेंका जाता है। ऑस्ट्रेलियाई इंजीनियर द्वारा खोजी गई और "ज़िंग बैल्स" के रूप में ट्रेडमार्क किया गया, वे दोनों अंपायरों को रन-आउट या स्टंपिंग फैसलों के साथ-साथ दिन रात मैचों के दौरान टेलीविजन कवरेज के लिए विशिष्ट चित्र प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया। आईसीसी विश्व ट्वेंटी -20 में पहली बार एलईडी स्टंप का इस्तेमाल किया गया था, और तब से एकदिवसीय या फ्रैंचाइजी टी -20 लीग इस स्टंप का उपयोग सामान्य हो गए हैं।


स्टंप को एक शब्द के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है जिसका मतलब है कि एक दिन का खेल समाप्त होता है, उदा। "अंपायरों को स्टंप कहा जाता है" का अर्थ है कि अंपायरों ने दिन के लिए खेलने का घोषित किया है। एक सत्र के अंत में, अर्थात् दोपहर का भोजन या चाय से पहले, अंपायर बेल्स निकाल देंगे; दिन के खेल के अंत में अंपायर स्टंप को भी हटा देंगे।

Monday, November 27, 2017

जानिए सचिन तेंदुलकर अपना आखरी क्रिकेट मैच जिस मैदान पर खेले थे, उस मैदान के बारे मे।

भारत मे क्रिकेट सबसे लोकप्रिय खेल होने के कारण भारत मे क्रिकेट मैदानों की कोई कमी नहीं है। हर राज्य मैं लगभग एक क्रिकेट का मैदान हैं। सचिन तेंदुलकर ने अपने क्रिकेट कार्यकाल मे लगभग हर क्रिकेट मैदान पर क्रिकेट मैच खेल चुके हैं। हर मैदान पर नए नए विश्व विक्रम बना चुके है। इसी तरह सचिन तेंदुलकर की मुंबई बने हुए वानखेड़े स्टेडियम से बहुत सारी यादें जुडी हुई हैं। सचिन तेंदुलकर अपना आखरी क्रिकेट मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पर ही खेले थे।


वानखेड़े स्टेडियम का निर्माण 1974 हुआ था। इस मैदान मैं लगभग 33,500 प्रेक्षक एक साथ मैच देख सकते हैं। इस मैदान का नुतनीकरण करने से पहले इस मैदान की प्रेक्षक क्षमता ४५,000 थीं। वानखेड़े स्टेडियम में कई हाई-प्रोफाइल क्रिकेट मैचों की मेजबानी हो चुकी हैं। सबसे महत्वपूर्ण 2011 क्रिकेट विश्व कप फाइनल में, जिसमें भारत ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराया था। और सचिन तेंदुलकर ने अपना आख़री क्रिकेट मैच 16 नवम्बर 2013 को अपना आख़री मैच यहीं पर ही वेस्ट इंडीज के खिलाफ खेला था।


इस मैदान पर 1996 और 2011 के विश्व कप के कई मैच खेले जा चुके हैं। यही पर ही प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैं रवि शास्त्री ने एक ही ओवर मैं छह सिक्स लगाए थे। अभी तक इस मैदान पर 25 कसौटी मैच , 21 एकदिवसीय मैच, 5 टी ट्वेंटी मैचेस खेले जा चुके हैं। वानखेड़े स्टेडियम का निर्माण 1974 मैं होने के बाद पहला इंटरनेशनल कसौटी मैच 23 जनवरी 1975 को खेला गया था।


वानखेड़े स्टेडियम रणजी मैं मुंबई क्रिकेट टीम का घरेलु मैदान है। और वानखेड़े स्टेडियम इंडियन प्रीमियर लीग में मुंबई इंडियंस टीम का घर मैदान है। वानखेड़े स्टेडियम मैं कई स्टैंडो को भूतपूर्व क्रिकेटरोके नाम दिए गए हैं। 
  • सुनील गावस्कर स्टैंड
  • उत्तर स्टैंड
  • विजय व्यापारी स्टैंड
  • सचिन तेंदुलकर स्टैंड 
  • एमसीए खड़े हो जाओ
  • विठ्ठल दिवेचा स्टैंड
  • गरवारे स्टैंड
  • ग्रैंड स्टैंड

Sunday, November 26, 2017

जानिए भारत के सबसे ऊँचे स्थान मे स्थित और सबसे खुबसूरत क्रिकेट मैदान के बारे मे।

भारत मे सबसे लोकप्रिय खेल क्रिकेट के होंने के कारण भारत मे क्रिकेट के मैदानों की कोई कमी नहीं हैं। भारत मे 50 इंटरनेशनल क्रिकेट मैदान हैं। इसीलिए भारत मे क्रिकेट मैदानों की कोई कमी नहीं  हैं। भारत मे बहुतसारे मैदान होने के बाउजूद क्रिकेट खेलने के बाद नए नए मैदानों का निर्माण किया जा रहा हैं। इसी वजह से 2003 मैं हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम निर्माण किया गया हैं। जिसे एचपीसीए क्रिकेट स्टेडियम के संक्षिप्त नाम से जाना जाता है। यह क्रिकेट मैदान काफी लोकप्रिय हैं। वजह इसकी खूबसूरती हैं।


यह मैदान भारत के राज्य हिमाचल प्रदेश मैं धर्मशाला क्षेत्र मैं स्थित हैं। धर्मशाला तिब्बट के दलाई लामा के कारण जाना जाता हैं। इस मैदान का निर्माण 2003 हुआ था , पर इसपर पहला इंटरनेशनल एकदिवसीय मैच 27 जनवरी 2013 को भारत और इंग्लैंड के बिच मैं खेला गया। और पहला इंटरनेशनल टी ट्वेंटी मुकाबला 15 अक्तूबर 2015 को भारत और साउथ अफ्रीका के बिच मैं खेला गया था। और पहला इंटरनेशनल टेस्ट मैच 25 मार्च 2017 को भारत और ऑस्ट्रिलिआ के बिच मैं खेला गया था। हिमाचल प्रदेश मैं सिर्फ दो क्रिकेट मैदान हैं। पहला हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम,धर्मशाला और दूसरा इंदिरा गाँधी स्टेडियम जिसका निर्माण 1995 हुआ था।


हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम,धर्मशाला मे 23,000 प्रेक्षक क्षमता हैं। वहाँ एक साथ 23,000 लोग मैच देख सकते हैं।स्टेडियम ने रणजी ट्राफी मैचों और अन्य घरेलू मैचों के लिए हिमाचल प्रदेश क्रिकेट टीम के घर मैदान के रूप में काम किया। स्टेडियम ने कुछ आईपीएल मैचों को किंग्स इलेवन पंजाब के लिए एक घर स्टेडियम के रूप में भी होस्ट किया था।


यह एक सुन्दर और अद्वितीय स्थल है। क्योंकि यह समुद्र तल से 1,457 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और पृष्ठभूमि में बर्फ से ढके हिमालय पर्वत है। निकटतम हवाई अड्डा ई कांगरा हवाई अड्डे से धर्मशाला को पहुंचा, जो पहाड़ी इलाके और कठोर सर्दियों के माध्यम से लगभग 8 किलोमीटर दूर है, जिसके दौरान यह नियमित रूप से मैच के आयोजन में बारिश और बर्फ के कुछ बाधाएं हैं।

जानिए भारत का ऐसा कोनसा क्रिकेट मैदान हैं जिस पर सबसे ज्यादा प्रेक्षक क्रिकेट देख सकते हैं। और सबसे बड़ा मैदान हैं।

भारत एक मात्र ऐसा देश हैं। जहां पर सबसे ज्यादा क्रिकेट के चाहनेवाले हैं। भारत मैं क्रिकेट लोकप्रिय खेल होने के कारण भारत मे क्रिकेट के मैदान सबसे ज्यादा हैं। भारत 50  इंटरनेशनल क्रिकेट मैदान हैं। भारत के बाद इंग्लैंड का नंबर आता हैं, वहा पर 26 इंटरनेशनल क्रिकेट मैदान हैं। भारत मे पहिली बार कसोटी मैच बॉम्बे जिमखाना के मैदान पर 15 दिसंबर1933 को खेला गया। वहा पर खेला जाने वाला वह एकलौता मैच था। उसके बाद कोलकाता के ईडन गार्डन मे 5 जनुअरी 1934 को मैच खेला गया। कोलकाता का ईडन गार्डन ही भारत का सबसे बड़ा क्रिकेट मैदान हैं। ईडन गार्डन पर सबसे ज्यादा प्रेक्षक एक साथ मैच देख सकते हैं।



ईडन गार्डन कोलकाता मे हैं। भारत का सबसे बड़ा और दुनिया दुसरा सबसे बड़ा मैदान हैं। मेलबोर्न क्रिकेट स्टेडियम दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट मैदान हैं। उसकी प्रेक्षक क्षमता 1,00,024 हैं। और ईडन गार्डन की प्रेक्षक क्षमता 66,349  हैं। भारत मे ईडन गार्डन मैदान की स्थापना १९८४ मैं हुई। ईडन गार्डन बंगाल क्रिकेट टीम का घरेलु मैदान और  आईपीएल फ्रेंचाइजी क्रिकेट टीम कोलकाता नाइट राइडर्स का घरेलु मैदान हैं। यहाँ पर भारत के राष्ट्रीय मैच खेले जाते हैं। एकदिवसीय , कसौटी और टी ट्वेंटी के मैच इस मैदान पर खेले जाते हैं।


ईडन गार्डन को भारत के घर के रूप मे जाना जाता हैं। ईडन गार्डन को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित क्रिकेट मैदानों मैसे एक माना जाता हैं। ईडन गार्डन एकदिवसीय विश्व कप , विश्व टी ट्वेंटी कप, एशिया कप सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजवानी कर चुका है। 1987 मे ईडन गार्डन एकदिवसीय क्रिकेट विश्व कप की मेजवानी करने वाला दुनिया का दूसरा मैदान बन गया। 2016 मे विश्व टी ट्वेंटी फाइनल का मुकाबला यही हुआ था। ईडन गार्डन पर कभी कभी असोसिएशन फुटबॉल मैच के आयोजन किया गया हैं।


ईडन गार्डन पर नवम्बर 2017 तक 41 कसौटी मैच, 30 एकदिवसीय मैच, 6 टी ट्वेंटी खेले जा चुके हैं। ईडन गार्डन पर पहला मैच 1934 मे खेला गया था। और पहला एकदिवसीय मैच 1987 को खेला गया। ईडन गार्डन को ईडन गार्डन नाम कोलकाता मे स्थित एक पुराने पार्क के वजह से मिला।16 अगस्त 1980 को एक फुटबॉल मैच मे हुए देरी के कारण 16 लोगों की मौत हो गयी। वह मैच ईस्ट बंगाल और मोहन बागान के बिच था। 13 नवम्बर 2014 को ईडन गार्डन के 150 सालगिरह पर एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच मैं भारत रोहित शर्मा ने 173 गेंदों 264 रन की पारी खेली और 150 वी वर्षगांठ को यादगार बनाया। वह मैच श्रीलंका के खिलाफ था।

ईडन गार्डन मैच के दौरान बारिश आने के कारण मैदान पर कवर से ढका हुआ। 

आईपीएल मैच के दौरान का एक नजारा। 


Saturday, November 25, 2017

जानिए कोनसी क्रिकेट संस्था पुरे विश्व मैं क्रिकेट जगत पर नियंत्रण और नियमन करने का काम करती है।

 आज ज़माने मे हर कोई क्रिकेट खेलता हैं। पुरे विश्व मे क्रिकेट खेल बहूत ही लोकप्रिय खेलो मेसे एक हैं। भारत राष्ट्रीय खेल हॉकी हैं। पर पुरे भारत मे सबसे ज्यादा क्रिकेट को ही, बहुत पसंद किया जाता हैं। और पुरे भारत मैं सबसे ज्यादा क्रिकेट ही खेला जाता हैं। इस खेल के लोग बहुत दीवाने हैं। हर खेल मैं कूछ नियम होते है। और इन नियमों का पालन सही तारीखे से हो , इस लिए उन पर ध्यान देनेवाला कोई ना कोई तो जरूर होता हैं। इसी प्रकार क्रिकेट पर निंयत्रण तथा नियमन करने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ( ICC ) यानि International Cricket Council का काम करती हैं।



ICC  की स्थापना 15 जून 1909 ( 108 साल पहले ) हुई थीं। ICC का मुख्यालय दुबई , यूनाइटेड अरब मे हैं। अभी ICC के 104 सदस्य राष्ट्र हैं। ICC की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी हैं। ICC के अध्यक्ष शशांक मनोहर हैं।

प्रतियोगिताओं तथा स्पर्धाओं के आयोजन के अलावा यह प्रतिवर्ष क्रिकेट में अपने क्षेत्र के सफलतम खिलाड़ियों तथा टीमों को पुरस्कार देती है, खिलाड़ियों तथा टीमों का प्रदर्शन क्रम (Ranking) निकालती है। यह हर जगह  अंतरराष्ट्रीय मैच में अंम्पायर नियुक्त करती हैं।

आईसीसी 104 सदस्य हैं: 12 पूर्ण  सदस्य है कि टेस्ट मैच खेलने, 35  एसोसिएट सदस्य,और 57 संबद्ध सदस्य।आईसीसी संगठन और क्रिकेट के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट, खासकर ICC क्रिकेट विश्व कप  के शासन के लिए जिम्मेदार है। यह भी अंपायरों और रेफरियों कि सब मंजूर टेस्ट मैच,एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय और ट्वेंटी -20 अंतरराष्ट्रीय में अंपायरिंग की नियुक्ति करती है।


सदस्य 
आईसीसी सदस्यता के तीन वर्ग है:
 पुर्ण सदस्य - बारह टीमों कि आधिकारिक टेस्ट मैच खेलने के शासी निकायके अनुसार है; बारह पूर्ण सदस्य हैं: अफ़ग़ानिस्तान, आयर्लॅंड, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड, भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, जिम्बाब्वे, बांग्लादेश
असोसिएट सदस्य - 35 देशों में जहां क्रिकेट को मजबूती से स्थापित किया है और आयोजन किया है लेकिन अभी तक पूर्ण सदस्यता नहीं दी गई है है में शासी निकाय के अनुसार है।
सहयोगी सदस्य  - देशों में जहां आईसीसी की मान्यता है कि क्रिकेट के नियमों के अनुसार खेला जाता है में 57  शासी निकाय के अनुसार है।          
 
       सदस्यता स्थिति से वर्तमान आईसीसी सदस्य:
     पूर्ण सदस्य
     एसोसिएट सदस्य
     सहयोगी सदस्य
     गैर - सदस्य

  प्रतियोगिताएं                    
        
आईसीसी कई अंतरराष्ट्रीय प्रथम श्रेणी, एक दिवसीय और ट्वंटी 20 क्रिकेट प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है।
    
प्रथम श्रेणी - आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप नेशनल लीग (टेस्ट रैंकिंग के लिए)

आईसीसी इंटरकांटिनेंटल कप ओडीआई लीग सहयोगी निंबर्स के लिए

आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप प्रीमियर टेस्ट लीग



एकदिवसीय आईसीसी एकदिवसीय चैंपियनशिप एक दिवसीय नोपनल लीग (वनडे रैंकिंग के लिए)

आईसीसी क्रिकेट विश्व कप प्रीमियर ओडीआई लीग
आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप प्रीमियर ओडीआई लीग (महिलाओं के लिए)
आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी ओडीआई लीग (टेस्ट खेलने वाले देशों के लिए)
आईसीसी अंडर -19 क्रिकेट विश्व कप प्रीमियर ओपन लीग (युवाओं के लिए)
आईसीसी विश्व क्रिकेट लीग टेस्ट लीग सहयोगी सदस्यों के लिए
आईसीसी विश्व कप क्वालीफायर क्वालीफायर होने के लिए


ट्वेंटी -20 आईसीसी टी 20 चैंपियनशिप नेशनल लीग (टी 20 आई रैंकिंग के लिए)

आईसीसी विश्व ट्वेंटी -20 प्रीमियर टी -20 लीग
आईसीसी महिला विश्व ट्वेंटी -20 प्रीमियर टी -20 लीग (महिलाओं के लिए)
आईसीसी विश्व ट्वेंटी 20 क्वालीफायर क्वालीफायर होने के लिए
वेबसाइट - https://www.icc-cricket.com/


Friday, November 24, 2017

जानिए दुनिया के सबसे ज्यादा पॉवरफूल और अमिर क्रिकेट बोर्ड के बारे मे।

दुनिया मैं सबसे ज्यादा लोकप्रिय खेलों के बारे मे जब हमें मालुम हैं। उनमे सबसे पहला नंबर फुटबॉल का आता हैं और बाद मे क्रिकेट का। भारत का राष्ट्रीय खेल भलेही क्रिकेट हैं , पर भारत मे सबसे ज्यादा लोकप्रिय खेल तो क्रिकेट हीं हैं। भारत मे क्रिकेट 1983 के वर्ल्ड कप के बाद लोकप्रिय हो गया। तबसे आज तक इस खेल के लोकप्रियता बढ़तीही जा रही है। भारत मे क्रिकेट पर नियंत्रण बनाने और क्रिकेट का महत्त्व बढ़ाने के लिए 10 दिसंबर 1928 मे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई)  निर्माण हुआ।


19 नवम्बर 1927 को दिल्ली मे हुई एक बैठक मे पटियाला, दिल्ली, सयुंक्त प्रान्त, राजपुताना,अवलर, भोपाल, ग्वालियर,बड़ौदा,काठियावाड़, मध्य भारत, सिंध ,और पंजाब के प्रतिनिधियोने भाग लिया। एक आम सहमति भारत में और 10 दिसंबर 1927 क्रिकेट के नियंत्रण के लिए एक बोर्ड बनाने के लिए पहुँच गया था, एक सर्वसम्मत नियंत्रण का एक अनंतिम बोर्ड के लिए फार्म का निर्णय लिया गया था। दिसंबर 1928 में बीसीसीआई ने छह संघों यह से संबद्ध साथ तमिलनाडु सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत किया गया था। आर ई ग्रांट गोवन इसके पहले राष्ट्रपति और एंथनी डी मेलो सचिव के रूप में के रूप में निर्वाचित किया गया था।

भारत मे BCCI  की स्थापना 10 दिसंबर 1928 मे हुई। Bcci का मुख्यालय वानखेड़े स्टेडियम चर्चगेट मुंबई महाराष्ट्रा मे हैं। bcci के अध्यक्ष विनोद राइ हैं। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कोच रवि शास्त्री हैं और भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच तुषार अरोठे हैं।

घरेलु क्रिकेट की प्रतियोगिताएं 
रणजी ट्रॉफी 
दुलीप ट्रॉफी 
विजय हजारे ट्रॉफी 
इराणी कप 
बी.सी.सी.आई  कॉरपरेट ट्रॉफी 
देवधर ट्रॉफी 
सय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी 
इंडियन प्रीमियम लीग 
एन के पी साल्वे चैलेंजर ट्रॉफी 

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